सरहद 

सरहद के उस पार भी एक गाँव है जहाँ कुछ तेरे जैसे, जहाँ कुछ मेरे जैसे लोग बसे हैं! सरहद के उस पार भी ऐसी ही मिट्टी है सरहद के उस पार भी यही हवा, यही पानी है ! सरहद के उस पार भी कुछ परिवार हैं वही सपने , वही ग़म, वही ख़ुशियाँ है…